फैटी लीवर के लक्षण, बचाव और प्रकार: (Symptoms, prevention and types of fatty liver)

फैटी लिवर के लक्षण, कारण, उपचार, इलाज

फैटी लिवर, लिवर से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। जिससे हमारा लिवर प्रभावित होता है। इस परेशानी का सबसे बड़ा कारण है खानपान में गड़बड़ी, शराब का ज्यादा सेवन एवं मोटापा। या फिर ये समस्या ज्यादा तेलीय पदार्थ का सेवन करने से भी हो सकती है। फैटी लिवर की समस्या शराब पीने और न पीने वालों दोनों लोगों को भी हो सकती है। इस समस्या से लिवर की इम्यूनिटी कमज़ोर होती है। 

फैटी लिवर डिसीज़ के प्रकार: (types of fatty liver disease)

 

  • ऐल्कहॉल फैटी लिवर डिसीज़- शराब के सेवन से होने वाली फैटी लिवर की बीमारी को ऐल्कहॉल फैटी लिवर डीसीज़ हो जाती है। इस प्रकार की लिवर की बीमारी चपेट में लगभग 5% भारतीय आते है।
  • नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिसीज़- नॉन-अल्कोहल फैटी लिवर डिसीज़ (NAFLD) जो शराब के सेवन से  से नही होती है। यह बीमारी भारत में 1-10 के उम्र के बच्चों में से एक को प्रभावित करती है। नॉन-अल्कोहल से जुड़ी फैटी लिवर डिसीज़ का सटीक कारण अभी पता नही  है। लेकिन मोटापा और मधुमेह सिर्फ दो ऐसी स्तिथि हैं जो इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं।
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    क्या है फैटी लिवर समस्या होने के कारण: (What is the cause of fatty liver problem)

    • अधिक वजन या मोटापा होना
    • इंसुलिन प्रतिरोध यानि शरीर में हार्मोन इंसुलिन पर प्रतिक्रिया करने और ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने की क्षमता को ख़राब करता है
    • आपके रक्त में ब्लड शुगर का बढ़ा हुआ स्तर, मधुमेह होने का संकेत देता है 
    • खून में फैट का असामान्य स्तर, यानि ट्राइग्लिसराइड्स और कॉलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना
    • मेटाबोलिक सिंड्रोम, जो अधिक वजन और मोटापे से जुड़े लक्षणों से जुड़ा हुआ है 
    • कुछ ऐसे जीन जो किसी व्यक्ति के अंदर एनएएफएलडी (NAFLD) की समस्या  पैदा कर सकते हैं
    • फ्रुक्टोज़ से भरपूर आहार का सेवन करना 
    • अत्यधिक शराब के सेवन के कारण 
    • तेजी से वजन घटना या कुपोषण
    • कुछ दवाएँ या बेकार पदार्थों के संपर्क में आना 
    • विल्सन (Wilson) रोग और हाइपो-बेटालिपोप्रोटीनीमिया जैसी दुर्लभ जेनेटिक बीमारियाँ

    क्या है फैटी लिवर से होने वाली समस्या: (problems which can be caused by fatty liver problem)

    • खून में ट्राइग्लिसराइड का स्तर और कोलेस्ट्रॉल बढ़ना
    • मेटाबोलिक सिंड्रोम यानि ब्लड शुगर का स्तर बढ़ना या फिर शरीर में फैट बढ़ना 
    • मोटापा, खासकर जब वो पेट पर आ जाए 
    • पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम 
    • नींद न आना 
    • टाइप 2 डाईबीटीज़ 
    • अंडरएक्टिव थायराइड: ऐसी समस्या जिसमें थकान, वजन बढ़ना, ज्यादा ठंड न सह पाना , कब्ज, शुष्क त्वचा और डिप्रेशन जैसे लक्षण होते हैं। 
    • अंडरऐक्टिव पिटयूटरी ग्लैन्ड (Underactive pituitary gland): ऐसी समस्या जिसमें लंबाई बढ़ाने वाला हॉर्मोन ठीक से बन नही पाता। तब व्यक्ति का कद छोटा रह जाता है। साथ ही इसमें व्यक्ति को थकान, वजन कम होना और मांसपेशियों में कमजोरी हो सकती है।
    • पोस्ट मेनोपोस होना

    क्या है फैटी लिवर समस्या के लक्षण: (symptoms of this disease)

    • मुंह में छाले होना

    • मुहांसों का निकलना

    • पीलिया के लक्षण

    • चेहरे पर सूजन

    • खुजली का होना

    • अक्सर उलटी जैसे महसूस होना
    • भूख बिल्कुल न लगना
    • खाना अच्छी तरह से नहीं पचना
    • अक्सर थकान महसूस होना
    • एकदम से कमजोरी महसूस होना
    • वजन घटना
    • पेट के ऊपरी भाग में सूजन होना

    कैसे करें इससे बचाव : (How to take prevention from this)

    • नारियल पानी, दाल, दाल का पानी और छाछ खूब पिएं।  
    • रोजाना व्यायाम जरूर करें, भले ही कम ज्यादा हो लेकिन व्यायाम करना न भूलें.
    • लहसुन का सेवन करें, कोशिश करें की सारी सब्जियों में लहसुन का प्रयोग अवश्य हो 
    • भोजन रात में 9 बजे से पहले ही कर लें, देर रात भोजन न करें। 
    • शराब, धूम्रपान को त्याग दें, नहीं तो धीरे धीरे कम करने की कोशिश करें। 
    • किसी भी खाने को अच्छी तरह से चबा-चबाकर खाएं.
    • बादी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ का सेवन करने से बचें। 
    • ब्रोकली, मछली, एवोकाडो का सेवन ज्यादा से ज्यादा करें। 

    फैटी लिवर में क्या खाना चाहिए: (Foods for fatty liver in hindi)

    • साबुत अनाज

    फैटी लिवर की समस्या में साबुत अनाज का सेवन कई प्रकार से फायदेमंद होता है। ये फाइबर से भरपूर से लिवर सेल्स की मदद करता है। इसके अलावा ये लिवर के काम में भी तेजी लाता है। साथ ही मेटाबोलिक गड़बड़ियों को कम करने में मदद करता है। और लिवर में फैट जमा होने से रोकता है। 

    • आवोकाडो 

    एवोकाडो का सेवन लिवर डिटॉक्स करने में मदद करता है। ये लिवर सेल्स के काम को तेज़ करता है। और कुछ डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ावा देता है। इसके अलावा इसके एंटीऑक्सीडेंट्स फैट को पिघलाने के साथ, इसके कणों से खुद को जोड़कर पानी के जरिए इसे बाहर निकालने में सहायता करते हैं। 

    • फलियों का सेवन 

    फलियां जैसे कि बीन्स, चना और राजमा जैसी चीजों को खाना फैटी लिवर की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है। इन फलियां में सैच्युरेडेट फैट नहीं होता। और ये फाइबर का एक बेहतर स्रोत मानी जाती हैं। जो कि लिवर के काम को बेहतर बनाने में मददगार है।

    विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है। जो लिवर को नुकसान पहुचने से बचा सकता है। सूरजमुखी के बीजों का सेवन फैटी लिवर की समस्या में करने से, ये आपके शरीर में फैट मेटाबोलिज्म को तेज करते है। फैट पचाने में मदद करते है। साथ ही ये लिवर में फैट जमा होने से रोकती है। तो अपने लिवर को स्वस्थ रखने के लिए खाने में इन फूड्स को अपने दैनिक आहार में शामिल करें।

    फैटी लिवर की समस्या में ब्लूबेरी का सेवन उत्तम माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व इस समस्या से राहत दिलाने में सहायता करते हैं। आप इसका सेवन रोजाना कर सकते हैं। या फिर इसे अपने दैनिक आहार की डाईट में शामिल करें। 

    • ड्राइ फ्रूट्स

    ड्राइ फ्रूट्स का सेवन पोषक तत्वों का खजाना एवं इस बीमारी के लिए रामबाण इलाज है। जी हाँ, इसनमें मौजूद पोषण आपको इस बीमारी से छुटकारा दिल सकते हैं। ड्राइ फ्रूट्स का सेवन शरीर की विभिन्न गंभीर समस्या के इलाज में लाभदायक होता है। इसीलिए इनका सेवन नियमित रूप से रोजाना करें। 

    फैटी लिवर की समस्या में ऐप्रीकोट का सेवन लाभदायक होता है। एक शोष के अनुसार इसमें मौजूद पोषक गुड फैट को कम करके , आपको इस समस्या से राहत दिलाते हैं। आप दैनिक रूप से भी इसका सेवन अपनी डाईट में शामिल कर सकते हैं।

    निष्कर्ष: (Conclusion)

    फैटी लिवर की बीमारी तब होती है जब लिवर में फैट जमा हो जाता है। और लिवर ठीक से काम करना बंद कर देता है।

    ऐसे में वज़न कम होना, भूख न लगना और थकान वो संकेत हैं। जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए, भले ही फैटी लिवर की बीमारी के अक्सर कोई लक्षण नहीं होते हैं। यदि रोग बढ़ता है और सिरोसिस में विकसित होता है। तो व्यक्ति को पीलिया, खुजली और सूजन का अनुभव हो सकता है। हालांकि इस समस्या का कारण अभी सटीक पता नही चल पाया है। कई ऐसी स्तिथियाँ है जिससे फैटी लिवर डिसीज़ प्रभावित हो सकती हैं।इसीलिए समय पर इसकी पुष्टि होना ज़रूरी है। 

    हालांकि फैटी लिवर डिसीज़ का कोई इलाज नहीं है। लेकिन आप स्वस्थ आहार का सेवन करना वज़न बनाए रखना, रोजाना व्यायाम करना और अत्यधिक शराब के सेवन से दूरी आदि उपाये अपना सकते है। इस स्थिति में फैटी लिवर की समस्या में मदद कर सकता है या इसे रोक भी सकता है। आप फैटी लिवर की समस्या में Healthy Master के पदार्थों को अवश्य देखें।